छत्तीसगढ़ में बड़ी राजनीतिक हलचल! JCC समेत 50 दलों ने मिलाया हाथ, ‘तीसरे मोर्चे’ का सबसे बड़ा शंखनाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में अब एक नए राजनीतिक समीकरण की आहट सुनाई दे रही है। रायपुर में करीब 50 क्षेत्रीय दलों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक मोर्चों की बैठक ने तीसरे विकल्प की कवायद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बैठक में BJP और कांग्रेस के मुकाबले क्षेत्रीय ताकतों को एक मंच पर लाने, साझा रणनीति बनाने और आगामी चुनाव में मिलकर उतरने पर मंथन हुआ।
बैठक में BSP, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी, छत्तीसगढ़िया पार्टी, हमर राज पार्टी, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी बताई गई।
मंच का फोकस जल-जंगल-जमीन, छत्तीसगढ़िया अस्मिता, आदिवासी अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर साझा राजनीतिक लाइन तैयार करने पर बताया गया है। यानी कोशिश केवल अलग-अलग चुनाव लड़ने की नहीं, बल्कि बिखरी क्षेत्रीय ताकतों को एक राजनीतिक प्लेटफॉर्म पर लाने की है।
असली दांव सीट शेयरिंग पर
तीसरे मोर्चे की सबसे बड़ी परीक्षा अब सीट शेयरिंग होगी। अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रभाव क्षेत्र अलग है और कई जगह उनके स्थानीय हित भी टकरा सकते हैं। ऐसे में किस दल को कितनी सीट मिलेगी और किस क्षेत्र में कौन उम्मीदवार उतारेगा—यही तय करेगा कि यह गठजोड़ कागज से आगे कितना बढ़ता है। बैठक में साझा घोषणापत्र को लेकर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
28 अक्टूबर पर टिकी नजर
अब निगाहें 28 अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित वृहद बैठक पर हैं। दावा है कि इस बैठक में तीसरे मोर्चे के नाम, नेतृत्व, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। यानी रविवार की बैठक को शुरुआती मंथन माना जाए तो 28 अक्टूबर की बैठक इस कवायद का अगला बड़ा राजनीतिक टेस्ट होगी।
चुनाव प्रक्रिया भी एजेंडे में
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने की बात भी सामने आई है। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए। यह मुद्दा ऐसे समय उठा है जब छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक पक्षों की गतिविधियां तेज हैं।
कौन-कौन साथ आया?
बैठक में बताए गए प्रमुख प्रतिनिधियों में BSP से जोन प्रभारी खटकर, छत्तीसगढ़िया पार्टी से देवराज साहू, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच से पूरन लाल साहू, GGP से मिथलेश कुमार, भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी से मनोज बंजारे, JCC से जितेन्द्र बंजारे, हमर राज पार्टी से विनोद नागवंशी, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा से नवनीत चांद और छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी से विवेक पटेल शामिल बताए गए हैं।
